हमने स्वीकार कर लिया, तुम्हें स्वीकार नही।
मेरे ठोकरें खाने से भी कुछ लोगो को दिक्कत है,
जिसको चाहा वो मिला नही, जो मिला उससे मोहब्बत ना हुई…!
मुलाकाते जरूरी है अगर रिश्ते निभाने हो,
यहां सीने से लगाकर, लोग दिल निकाल लेते है…!
तो हम दुआ करते हैं आपकी खुशी कभी कम ना हो…!
बता Sad Shayari in Hindi कातिल, कहा जाऊं, जहा जाऊं वहां कातिल…!
हम जिसपे खिलते है, उसी पे मुर्झा भी जाते है…!
मगर क्या करूँ, मैं अपनी मोहब्बत से हारा हूँ।
अगर तुम्हें खुशी मिलती है मुझे तड़पता देख कर,
अपना बनाकर फिर कुछ दिनों में बेगाना कर दिया,
यह बात अलग है मिले तो तुम भी नहीं कभी हमें
जिसने अपना समझा उस पर विश्वास ना किया।
और कब आएगा वो दिन… बस उसी दिन को याद करते रहते हैं।